Wednesday, 22 July 2026

भारतीय मजदूर संघ का 72वाँ स्थापना दिवस कल

BMS 72th Formation Day

जयपुर, 22 जुलाई। देश के सबसे बड़े श्रमिक संगठन भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) का 72वाँ स्थापना दिवस कल पूरे राजस्थान में उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों, तहसीलों, औद्योगिक क्षेत्रों एवं प्रमुख कार्यस्थलों पर ध्वज वंदन के साथ विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संगठन से जुड़े हजारों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता इन आयोजनों में भाग लेंगे।

राज्यभर में ध्वज वंदन, श्रमिक सम्मान, सेवा कार्य एवं विचार गोष्ठियों का होगा आयोजन

भारतीय मजदूर संघ, राजस्थान प्रदेश के प्रदेश महामंत्री मुकेश सोलंकी ने बताया कि स्थापना दिवस के अवसर पर प्रत्येक इकाई में भारतीय मजदूर संघ के ध्वज का वंदन कर संगठन के संस्थापक श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाएगा। कार्यक्रमों में श्रमिक सम्मान समारोह, विचार गोष्ठियां, पौधारोपण, रक्तदान, स्वच्छता अभियान एवं अन्य सेवा गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा। साथ ही श्रमिकों के अधिकार, सामाजिक सुरक्षा, श्रम सुधार, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण तथा राष्ट्र निर्माण में श्रमिकों की भूमिका जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।

उन्होंने कहा कि भारतीय मजदूर संघ ने अपनी स्थापना से लेकर आज तक श्रमिक हितों की रक्षा के साथ-साथ राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य किया है। संगठन का मूल मंत्र "देश के हित में करेंगे काम, काम के लेंगे पूरे दाम" आज भी प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। संघर्ष और संवाद के संतुलित मार्ग पर चलते हुए संगठन ने श्रमिक आंदोलन को सकारात्मक दिशा देने का कार्य किया है।

प्रदेश महामंत्री मुकेश सोलंकी ने बताया कि स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशभर की सभी संबद्ध महासंघों एवं इकाइयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी श्रमिकों से इन आयोजनों में सहभागिता कर संगठन की राष्ट्रवादी श्रमिक विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

उल्लेखनीय है कि 23 जुलाई 1955 को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की जयंती के अवसर पर भारतीय मजदूर संघ की स्थापना हुई थी। वर्तमान में यह सदस्य संख्या के आधार पर देश का सबसे बड़ा श्रमिक संगठन है और संगठित तथा असंगठित दोनों क्षेत्रों के करोड़ों श्रमिकों के हितों के लिए कार्य कर रहा है।

Thursday, 25 June 2026

प्रदेश महामंत्री श्रद्धेय श्री विजय सिंह बाघेला जी को भावभीनी श्रद्धांजलि

shrddhanjali sabha

जयपुर, 24 जून 2026। भारतीय मजदूर संघ राजस्थान प्रदेश के प्रदेश महामंत्री श्रद्धेय श्री विजय सिंह बाघेला जी के आकस्मिक देवलोक गमन पर भारतीय मजदूर संघ, जिला जयपुर द्वारा आज बीएसएनएल परिसर स्थित फेडरेशन हॉल, अशोक मार्ग, सी-स्कीम, जयपुर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि सभा में भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं समाज के गणमान्य नागरिकों ने उपस्थित होकर श्रद्धेय बाघेला जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उपस्थित वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्री बाघेला जी का सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र, समाज एवं श्रमिक हितों की सेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने संगठन को सुदृढ़ बनाने, श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करने तथा कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वक्ताओं ने कहा कि श्रद्धेय बाघेला जी की संगठनात्मक क्षमता, सरलता, आत्मीयता एवं कर्मठता सदैव कार्यकर्ताओं को प्रेरणा देती रहेगी। उनका निधन भारतीय मजदूर संघ ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण श्रमिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। इस दौरान श्री जयंती लाल जी प्रचारक, एस के राठौड़, हरिमोहन शर्मा, राजेंद्र शर्मा, दीनानाथ रूंथला, मुकेश सोलंकी, यतीन्द्र कुमार, रेखा शर्मा, हजारी लाल मीणा, रंजीत सिंह गुर्जर, विकास तिवारी, नवीन शर्मा सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे। सभा में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत पुण्यात्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएँ व्यक्त की गईं। भारतीय मजदूर संघ, जिला जयपुर ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

shraddhanjali vijay singh baghela


Saturday, 7 May 2022

भगवामय हुआ राजस्थान, हजारों श्रमिकों ने निकाली ‘‘मज़दूर आक्रोश रैली’’

mazdoor akrosh rally
आज भारतीय मजदूर संघ, राजस्थान प्रदेश की ओर से सरकार की मजदूर एवं कर्मचारी विरोधी नीतियों को लेकर शहीद स्मारक से सिविल लाइन फाटक तक रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया। भामस की इस रैली को संघ के अखिल भारतीय महामंत्री विनय कुमार सिन्हा एवं क्षेत्रीय संगठन मंत्री राजबिहारी शर्मा ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। रैली शहीद स्मारक से रवाना होकर सीपीएमजी कार्यालय, चौमू हाउस सर्किल, भाजपा कार्यालय होते हुए सिविल लाइन फाटक पर विशाल सभा के रूप में परिवर्ति हो गई। सभा को संघ के अखिल भारतीय महामंत्री विनय कुमार सिन्हा, अखिल भारतीय वित्त सचिव एस के राठौड़, क्षेत्रीय संगठन मंत्री राजबिहारी शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष राजेन्द्र डाबी, प्रदेश महामंत्री हरिमोहन शर्मा, रैली संयोजक दीनानाथ रूंथला, सहित प्रमुख पदाधिकारियों ने संबोधित किया।

सभी केंद्रीय एवं राज्य के विभागों में तत्काल लागू हो पुरानी पेंशन: सिन्हा

संगठन के अखिल भारतीय महामंत्री विनय कुमार सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि आज श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना एक बहुत बड़ा विषय है। आईएलओ में मजदूर समस्याओं एवं उन्हें कैसे सामाजिक सुरक्षा प्रदान किया जाए इन विषयों पर चर्चा होती है।
उन्हेांने कहाकि आज की यह रैली केवल राजस्थान में ही नहीं अपितु पूरे भारत में हो रही है इससे पहले यह रैली भाजपा शासित प्रदेशों गुजरात, जम्मूकश्मीर, हिमाचल प्रदेश एवं मध्यप्रदेश में हो चुकी है। हम यह रैली सभी सरकारों चाहे वह केंद्र हो या राज्य सरकार सभी को जगाने के लिए कर रहे हैं। सरकारें अपने ही आदेश अभी तक लागू नहीं कर पा रही हैं। राजस्थान सरकार ने पुरानी पेंशन की घोषण की है हम उसका स्वागत करते हैं लेकिन यह भी मांग करते हैं कि इसमें निगम और उपक्रम के कर्मचारियों को भी शामिल किया जाए। आज हमारी रैली को सरकार ने अनुमति देने में बहुत आना-कानी की है, हमारे इस भगवे झण्डे का राजनीतिकरण करने की कोशिश की है लेकिन हम सरकार को यह बताना चाहते हैं कि भगवा झण्डा प्रेम एवं सद्भावना का प्रतीक है। इस झण्डे को सरकार को सरोकार कर मजदूर और कर्मचारियों की समस्यओं को दूर करने की जरूरत है। यदि सरकारें नींद से नहीं जागेंगी तो भारतीय मजदूर संघ उन्हें जगाने का माद्दा रखता है।
उन्होंने कहाकि आंगनवाड़ी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र एवं राज्य सरकारों को सरकारी कर्मचारी घोषित करने सहित सारे प्रावधान लागू करने के लिए आदेश पारित किया था, कि ग्रेच्यूटी के साथ-साथ स्थापना एवं सामाजिक सुरक्षा के सारे प्रावधान लागू हों लेकिन अभी तक यह लागू नहीं हुआ है। हम यह मांग करते हैं कि तत्काल यह लागू हो और उन्हें न्याय मिले।
उन्होंने यह कहाकि आज भी श्रमिकों के लिए सरकारें मिनिमम वेज का आदेश लागू नहीं कर पाई हैं इसलिए हम यह मांग करते हैं कि तत्काल सभी सरकारें मिनिमम वेज लागू कर श्रमिकों को न्याय दें। सरकार ने 1948 में वेज कमेटी बनाई थी जिसके प्रमुख बी आर आंबेडकर जी थे और उसमें वेज के लिए मिनिमम वेज, डीसेंट वेज, लिविंग वेज की बात की गई थी परंतु अभी तक हम मिनिमम वेज ही लागू नहीं कर पाए बाकी डीसेंट वेज और लिविंग वेज की बात करना बेमानी है।
सरकार कन्सट्रंक्शन मजदूरों से जो सेस का पैसा लेती है उसका भी वह अपने राजनीतिक फायदे के लिए दुरूपयोग कर रही हैं जबकि इस पैसे का मजदूरों के लिए उपयोग किया जाना चाहिए इसलिए हम राजस्थान सरकार से यह मांग करते हैं कि बंद पड़ी ‘‘शुभ-शक्ति’’ योजना पुनः शुरू की जाए और इस पैसे का उपयोग मजदूर कल्याण में हो।

संगठन के क्षेत्रीय संगठन मंत्री राजबिहारी शर्मा ने बताया कि आज भारतीय मजदूर संघ विश्व, भारत सहित राजस्थान का भी सबसे बड़ा संगठन है लेकिन राजस्थान सरकार ने श्रम विभाग की कमेटियों में स्थान न देकर सौतेला व्यवहार किया है, हम सरकार का सीधे विरोध करते हैं और तत्काल मांग करते हैं कि भामस को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए अन्यथा हम सरकार का आने वाले दिनों में लगातार विरोध करेंगें।
उन्होंने अपने उद्बोधन में ठेका प्रथा को तत्काल रोकते हुए सरकार से श्रमिकों का शोषण तत्काल बंद करने और सभी मजदूरों के लिए मिनिमम वेज व्यवस्था को लागू करने के लिए सरकार को चेताया। उन्होंने कहाकि आज केंद्र का मिनिमम वेज अलग है, राज्य का अलग, तो वहीं निजी क्षेत्र का बिल्कुल अलग यह मजदूरों के साथ खिलवाड़ है, भारतीय मजदूर संघ इसका कड़ा विरोध करता है और यदि सरकार नहीं मानी तो हम आने वाले दिनों में इससे भी बड़े प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे और सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि आज भी सरकारें स्कीम वर्कर, आंगनावाड़ी साथिन, एवं आशा सहयोगिनियों को वॉलिंटियर बताकर उनका शोषण कर रही हैं हम सरकार से मांग करते हैं कि उन्हें तत्काल सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्रदान कर सरकार सामाजिक सुरक्षा प्रदान करे।
सरकार को तत्काल बिजली बोर्ड, रोडवेज बोर्ड में भामस को उचित प्रतिनिधित्व देना चाहिए। साथ ही आज रोडवेज के अस्तित्व को प्रश्नचिन्ह लग रहा है न ही  रोडवेज के बेड़े में नई बसें आ रही हैं और न ही नई भर्ती हो रही है भामस सरकार से मांग करता है कि तत्काल नई बसे खरीदी जाएं और नई भर्ती की जाएं।

बड़ी संख्या में मजदूर हुए शामिलः

भारतीय मजदूर संघ की इस विशाल ‘‘मजदूर आक्रोश रैली’’ में प्रदेशभर के करीब 25000 से ज्यादा मजदूर शामिल हुए। जिससे पूरा जयपुर सुबह से लेकर शाम तक भगवामय रहा। इस रैली में भारतीय मजदूर संघ के संगठित असंगठित क्षेत्र सहित थड़ी ठेला, ईंट-भट्टा के मजदरू, दिहाड़ी मजदूर, फल एवं सब्जी लगाने वाले मजदूर सहित आंगनवाड़ी एवं एनआरएचम सहित सभी स्कीम की बहनें भी शामिल हुई।

कौन-कौन से संगठन हुए शामिलः

भारतीय मजदूर संघ से संबंद्ध राजस्थान के सभी केंद्रीय एवं राज्य के महासंघ, जिला ईकाई, जिला ईकाईयों से संबंद्ध संगठन सहित करीब 285 यूनियनें इस रैली में शामिल हुई। जिसमें प्रमुख रूप से राज. आंगनवाड़ी कर्मचारी महासंघ, राजस्थान विद्युत श्रमिक महासंघ, राजस्थान परिवहन निगम संयुक्त कर्मचारी फेडरेशन, भारतीय डाक कर्मचारी महासंघ, राज. राज्य कर्मचारी महासंघ, जलदाय कर्मचारी महासंघ, जनता जल कर्मचारी महासंघ, राजस्थान सीमेंट कर्मचारी महासंघ, राजस्थान भवन निर्माण श्रमिक महासंघ, राजस्थान पल्लेदार श्रमिक महासंघ, असंगठित क्षेत्र के थड़ी ठेला, ई-रिक्शा, प्राइवेट ट्रांसपोर्ट, 108 एवं 104 एंबुलेंस कर्मचारी संघ, बिजली ठेका कर्मचारी महासंघ, राज. गो-सेवा कर्मचारी संघ, राज. सहकारी कर्मचारी संघ, राज. रोडवेज सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ, राज. विद्युत सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ, ग्रामीण बैंक पेंशनर समिति, ग्रामीण बैंक एम्प्ल्वॉइज यूनियन, ग्रामीण बैंक आफिसर्स ऑर्गेनाइजेशन, भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ, उत्तर-पश्चिम रेलवे कर्मचारी संघ सहित कई संगठन हैं।

भामस के हाथ मजबूत कीजिए, भामस आपके न्याय की लड़ाई लड़ेगाः हरिमोहन शर्मा
भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री हरिमोहन शर्मा ने कहा कि आज सभी मजदूरों एवं श्रमिकों को संगठित होने की जरूरत है। हम सभी को आज भारतीय मजदूर संघ का हाथ मजबूत करना चाहिए साथ ही संगठित होकर अपनी मांगों के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए। आज सरकारें अपनी मनमानी में लगी हुई हैं उन्हें मजदूर एवं कर्मचारियों की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है।
रैली संयोजक दीनानाथ रूंथला ने सभा में उपस्थित सभी श्रमिकों एवं कर्मचारियों को पढ़कर बताया जो निम्न प्रकार है-

प्रमुख मांगेंः

1. आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा सहयोगिनी, मिड-डे-मील  वर्कर व ग्राम साथिन को वर्कर का दर्जा दिया जाए साथ ही तात्कालिक तौर पर न्यूनतम वेतन 18000/- प्रतिमाह किया जाए।
2. सभी केंद्रीय एवं राज्य के विभागों सहित निगम बोर्डों के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम पुनः लागू की जाए।
3. स्थायी कार्याें में ठेका प्रथा बंद की जाए।
4. श्रम विभाग की समितियों एवं बोर्डों में भामस को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए।
5. संगठित क्षेत्र की भांति असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी वेतनमान, वार्षिक वेतन वृद्धि, ग्रेच्युटी, पेंशन और मेडिकल सुविधा प्रदान की जाए।
6. सरकारी उपक्रमों जैसे- विद्युत, रोड़वेज, डाक, रेलवे, बीएसएनल एवं जलदाय आदि के निगमीकरण/विनिवेशीकरण/निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
7. ग्रामीण डाक सेवकों को रूल-3ए हटाते हुए सिविल सर्वेंट घोषित किया जाए।
8. राज्य के विभिन्न विभागों व उपक्रमों में स्थायी प्रकृति का कार्य करने वाले ठेका कर्मियों, संविदा कर्मचारियों, 108/104 एंबुलेंस कर्मियों इत्यादि को समान कार्य का समान वेतन दिया जाए।
9. सभी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों एवं कामगारों के लिए 60 वर्ष पूर्ण होने पर न्यूनतम रुपए 3000/- सामाजिक सुरक्षा पेशन योजना लागू की जाए।
10. केंद्र एवं राज्य सरकार के सभी विभागों एवं उपक्रमों में प्रशासनिक सेवा की भांति 7,14,21 एवं 28 वर्ष सेवा अवधि पूर्ण होने पर चार गारण्टीड प्रमोशनल पोस्ट के वित्तीय लाभ प्रदान किए जाए।
11. रोडवेज में राज्य सरकार के अनुसार 01.01.2016 से 7वां वेतनमान लागू किया जाए साथ ही रोडवेज को परिवहन विभाग में मर्ज किया जाए।
12. विद्युत की 5 कंपनियों का एकीकरण कर पुनः विद्युत मण्डल बनाया जाए एवं विद्युत भत्ते के रूप में विद्युत के कर्मचारियों को 150 यूनिट बिजली प्रतिमाह फ्री दी जाए।
13. भवन निर्माण श्रमिकों के लिए बंद पड़ी शुभशक्ति योजना सहित सभी योजनाओं को पुनः बहाल कर योजना राशि एक लाख रुपए की जाए। साथ ही मजदूरों के पंजीकरण की सुविधा पुनः शुरू की जाए।
14. प्रदेश की समस्त ग्राम सेवा सहकारी समितियों में दिनांक 10.07.2017 तक नियुक्त कार्मिकों की स्क्रीनिंग 2010 के परिपत्र के अनुसार कर राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए।
15. लोक जुम्बिश कर्मचारियों को अनुदानित शिक्षाकर्मियों की भांति राजस्थान ग्रामीण स्वेच्छा शिक्षा अधिनियम, 2010 के तहत शिक्षा विभाग में सीधे मर्ज कर नियमित कर्मचारी घोषित किया जाए।
16. कृषि उपज मंडियों में कार्यरत हम्माल/पल्लेदार, मुनीम गुमाश्ता इत्यादि श्रमिकों हेतु लागू कृषक साथी योजना में मृत्यु की दशा में अनुदान राशि 10 लाख रूपए की जाए।
17. जनता जल योजना को जलदाय विभाग में मर्ज कर कार्यरत पम्प चालकों को स्थायी किया जाए।
18. रेलवे, बीएसएनल एवं डाक में रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती की जाए।
19. थड़ी ठेला मजदूर श्रमिकों को स्थायी रूप से स्थान उपलब्ध कराया जाए।
20. सीमेंट उद्योग में कार्यरत ठेका मजदूरों का न्यूनतम वेतन केंद्र के माईन्स के वेतन के समकक्ष दिया जाए।
21. वन विभाग में कार्यरत जॉब बेसिस कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
22. एनआरएचएम कमियों को नियमित किया जाए।
अंत में प्रदेशाध्यक्ष राजेन्द्र डाबी ने सभी श्रमिकों एवं कर्मचारियों को विश्वास दिलाते हुए कहाकि आज भारतीय मजदूर संघ केवल कर्मचारी हित एवं मजदूर हित की बात करता है। हम आपकी सभी मांगों को केंद्र एवं राज्य सरकार के सामने सदैव उठाते रहेंगे। और यदि सरकारें नहीं मानी तो उन्हें आज की आक्रोश रैली भारी पड़ेगी। अंत में उन्होंने सभा की समाप्ति की घोषणा की

Saturday, 26 March 2022

दिनांक 05 मार्च से 06 मार्च 2022 को सम्पन्न प्रदेश कार्यसमिति बैठक का कार्य विवरण


Bhartiya Mazdoor Sangh State Working Committee Meeting

दिनांक 05-06 मार्च 2022 को भारतीय मजदूर संघ राजस्थान प्रदेश की कार्यसमिति बैठक मां त्रिपुरा सुन्दरी मन्दिर परिसर में श्री राजेन्द्र सिंह डाबी, प्रदेशाध्यक्ष की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में  श्री राज बिहारी शर्मक्षेत्रीय संगठन मंत्री (राजस्थान व गुजरात) का सानिध्य प्राप्त हुआ । 

1   बैठक का बिन्दुवार विवरण निम्नलिखित है:-

     उपस्थिति:- बैठक में अपेक्षित व उपस्थित संख्या निम्नानुसार रही:-

       प्रदेश कार्यसमिति              महासंघ      जिला मंत्री          कुल

              52/34                           20/8                      33/16 102/58

2. उद्घाटन सम्बोधन:-बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश अध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह डाबी ने अपने उद्बोधन में कहा कि ‘‘ कार्यकर्ताओं की इस टोली में दो दिन तक किये जाने वाले विचार- विमर्श रुपी चिन्तन-मन्थन में से निकलने वाले अमृत का पान हम कार्यकर्ताओं को करना है जिससे संगठन का विस्तार एवं दृढीकरण हो और जो योजना बने उसका क्रियान्वयन संगठन की संगठित शक्ति से होने में भारतीय मजदूर संघ सफल हो।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बांसवाडा विभाग के विभाग प्रचारक श्री विशाल जी का प्रबोधन भी उद्घाटन सत्र में प्राप्त हुआ। श्री  विशाल जी ने कहा कि:-

समाज में कीमत एवं मूल्य दो शब्द प्रयोग होते हैं । व्यक्ति / कार्यकर्ता अपने जीवन की कीमत चुकाकर जीवन मूल्य स्थापित करते हैं जो समाज के लिये कुछ मानदण्ड स्थापित करते हैं एवं समाज जीवन में अनुकरणीय बनते हैं। यथा- श्री राम,श्री कृष्ण,हरिश्चन्द्र,शिवाजी,महाराणा प्रताप इत्यादि। 

भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं ने अपने जीवन की कीमत पर श्रम जगत में मूल्य स्थापित किये हैं जिनमें श्रद्धेय ठेंगडी जी हम सभी के आदर्श एवं प्रेरणास्त्रोत हैं । 

जहां अपेक्षित- वहां उपस्थित । यदि उपस्थित नहीं हैं तो उचित स्तर पर सूचित करें कि किस कारण उपस्थित नहीं हो पायेंगे । इस विचार से संगठन में नये कार्यकर्ताओं को भी प्रेरणा मिलेगी एवं अच्छी व्यवस्था स्थापित होगी । 

संगठन में प्रेरणा व श्रेष्ठ व्यवस्था स्थापित करने हेतु चार मन्त्रों की साधना करनी होगी:-

1. सुमन्त्रिते(सामूहिक निर्णय) 2.सुविक्रान्ते (बिना दबाव के पारिवारिक भाव से)      3.सुकृते (अच्छे उद्देश्य के लिये) 4. सुविचारते (सम्पूर्ण विचार- चिन्तन)

    

3 पिछली कार्यसमिति बैठक का कार्य विवरण:- प्रदेश मंत्री श्री लखनसिंह गुर्जर द्वारा दिनांक 02-03 अक्टूबर को राजसमन्द में  आयोजित कार्यसमिति  का कार्य विवरण बैठक में प्रस्तुत किया, जिसका सर्व सम्मति से अनुमोदन किया गया।


4 आय-व्यय का अनुमोदन: श्री मक्खनलाल काण्डा प्रदेश वित्त सचिव द्वारा 01 अक्टूबर 2021 से 28 फरवरी 2022 तक का आय व्यय का लेखा प्रस्तुत किया गया जिसका सर्व सम्मति से अनुमोदन किया गया। 


5 प्रदेश महामंत्री वृत:-  महामंत्री ने अपने वृत में  03 अक्टूबर 2021 से 28        फरवरी 2022 तक की अवधि के दौरान प्रदेश की गतिविधियांे, कार्यक्रम, आंदोलन, अधिवेशन आदि का संक्षिप्त विवरण पढ़़कर सुनाया।

6. श्रद्धा़ंजलि कार्यक्रमः- 03 अक्टूबर 2021 से 28   फरवरी 2022 तक की अवधि  में समाज जीवन में विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व करने एवं जिन कार्यकर्ताओं की मृत्यु हुई उनके प्रति शोक संवेदना प्रकट कर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई ।

7. पदाधिकारी कार्य प्रतिवेदनः- 

जिला मंत्री प्रतिवेदन हेतु प्रपत्र बैठक की सूचना के साथ सभी जिला मन्त्रियों को भिजवाया गया था।(,झुन्झनूंॅ,धौलपुर,अजमेर,भीलवाडा,उदयपुर,डूंॅगरपुर,प्रतापगढ, चित्तौडगढ,बांॅसवाडा,राजसमन्द,बाडमेर,पाली,जालौर,कोटा,बून्दी,चुरु) से प्राप्त हुआ । बैठक में उपस्थित जिला मंत्रियों द्वारा प्रतिवेदन का वाचन किया  गया । सम्भाग प्रभारियों व सम्भाग संगठन मन्त्रियों से प्रदेश कार्यसमिति की बैठकों में जिला मन्त्रियों की शत- प्रतिशत उपस्थित हेतु आग्रह किया गया व वांछित सूचना प्रस्तुत किये जाने हेतु भी आग्रह किया गया । 

सम्भाग संगठन मन्त्रियों / सम्भाग प्रभारियों /महासंघों के महामन्त्रियों द्वारा अपने कार्य का प्रतिवेदन जिसमें प्रवास, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय, जिलों, यूनीयन्स/ यूनिट्स की बैठकें, महासंघों की बैठकें, जिला भारतीय मजदूर संघ के साथ यूनियन/यूनिट्स के साथ समन्वय के सम्बन्ध में भी बताया गया । 

पदाधिकारी कार्य प्रतिवेदन सभी बैठकों में हो व जिला मन्त्रियों को जो प्रपत्र इस बैठक की सूचना के साथ भेजे गये थे , इसी प्रकार के बिन्दु सम्भाग संगठन मन्त्रियों,सम्भाग प्रभारियों,महासंघों के महान्त्रियों को भी भिजवायें ताकि बिन्दु केन्द्रित विषय पर ही चर्चा हो इस सम्बन्ध में सभी कार्यकर्ताओं ने अपने सुझाव दिये । 

माह अक्टूबर 2021 से फरवरी 2022 तक 8 जिलों में जिला सम्मेलन सम्पन्न किये       गये । सभी जिलों में पदाधिकारी केन्द्र द्वारा निर्धारित आयु सीमा 45 वर्ष से कम आयु के हों इस निर्णय की कठोरतापूर्वक पालना की गई ।

जिलों के जिला अधिवेशन:- जिन जिलों के जिला अधिवेशन सम्पन्न नहीं हुए हैं उनके अधिवेशन माह मार्च 2022 में सम्पन्न करवाने के सम्बन्ध में सम्भाग संगठन मन्त्रियों व जिला मन्त्रियों से आग्रह किया गया ।

सम्भाग प्रभारियों व महासंघों के महामन्त्रियों से आग्रह किया गया कि जिलों की पंजीकृत यूनियन्स के अधिवेशन सम्पन्न करवाये जाने के सम्बन्ध में योजना बनाकर/ चर्चा कर 15 दिवस में प्रदेश को अवगत करायें । 

महासंघों के अधिवेशन:- जयपुर विद्युत वितरण श्रमिक संघ का अधिवेशन दिनांक 17 अक्टूबर 2021 को जयपुर में, राजस्थान परिवहन कर्मचारी फैडरेशन का प्रदेश अधिवेशन दिनांक 19 अक्टूबर 2021 को जयपुर में एवं आंॅगनबाडी कर्मचारी महासंघ का प्रदेश अधिवेशन दिनांक 25 दिसम्बर 2021 को  अजमेर में एवं राजस्थान सीमेन्ट मजदूर महासंघ का 25 दिसम्बर 2021 आहूत किये किये गये में अवगत कराया गया । 

उद्योग प्रभारियों एवं महासंघों के महान्त्रियों से आग्रह किया गया कि जिन महासंघों के अधिवेशन होने शेष हैं उनके अधिवेशन के सम्बन्ध में चर्चा कर 15 दिवस के अन्तर्गत प्रदेश को अवगत करायें ।  

भारतीय मजदूर संघ के मुखपत्र विष्वकर्मा संकेत की सदस्यता के सम्बन्ध में श्री दीनानाथ रुंॅथला जो विष्वकर्मा संकेत का कार्य देख रहे हैं ने बताया कि प्रदेष में अभी मात्र 533 सदस्य ही हैं । जिला,यूनियन/यूनिट्स,प्रदेष एवम् महासंघों की कार्य समिति के प्रत्येक सदस्य को विष्वकर्मा संकेत का सदस्य बनना ही चाहिये । 


8. धन संग्रह 

जन्म शताब्दी वर्ष में धन संग्रह हेतु भेजे गये कूपन व रसीद बुक अभी भी गई जिलों से प्राप्त नहीं हुई है । प्रदेश से सम्बन्धित जिलों को सूची भेजकर धनसंग्रह का हिसाब, कूपन्स व रसीद बुक प्रदेश कार्यालय को प्रस्तुत किये जाने हेतु कई बार लिखित में एवं मौखिक रुप से अनुरोध किये जाने के उपरान्त भी उदासीनता पर चिन्ता व्यक्त की गई एवं 31 मार्च 2022 तक हिसाब व कूपन्स प्रदेश कार्यालय में प्रस्तुत किये जाने हेतु सम्भाग संगठन मन्त्रियों,सम्भाग प्रभारियों द्वारा आश्वस्त किया गया ।

श्रद्धेय दत्तोपन्त ठेंगडी की छोटी जीवनी जिसका मूल्य 20/- रुपये निर्धारित किया गया था, की राशि भी कई जिलों से प्राप्त नहीं हुई । यह राशि भी  31 मार्च 2022 तक प्रदेश कार्यालय में प्रस्तुत किये जाने हेतु सम्भाग संगठन मन्त्रियों,सम्भाग प्रभारियों द्वारा आश्वस्त किया गया ।

बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर निर्णय लिया गया कि जिन कार्यकर्ताओं को धन संग्रह के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी दी जाती है एवं उनके द्वारा निर्धारित समयावधि मंे हिसाब प्रस्तुत नहीं किया जाता है । बार- बार स्मरण कराने के उपरान्त भी उदासीनता बरती जाती है उन्हें भविष्य में किसी भी प्रकार का दायित्व देने से पूर्व विचार किया जाये ।

9    संगठनात्मक चर्चा:-    

आन्दोलन:-राज्य सरकार द्वारा मजदूर क्षेत्र की उपेक्षा, निजीकरण, मजदूरों का शोषण इत्यादि पर पूर्ण प्रकाश डालते हुए राज्य सरकार के विरुद्ध जयपुर में दिनांक 25 फरवरी 2022 को भारतीय मजदूर संघ का एक विशाल शक्ति प्रदर्शन किये जाने की योजना दिनांक 02-03 अक्टूबर 2021 को राजसमन्द कार्य समिति बैठक बनी थी किन्तु कोरोना महामारी तीसरी लहर के प्रकोप के कारण इसको स्थगित कर दिया गया । यह शक्ति प्रदर्शन/रैली दिनांक 6 मई 2022 को किये जाने के सम्बन्ध में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया ।  श्री राजबिहारी जी शर्मा क्षेत्रीय संगठन मन्त्री द्वारा सभी कार्यकर्ताओं को इस कार्यक्रम में अपनी सम्पूर्ण शक्ति लगाकर अभी से जुटने का आव्हान किया गया । 

दिल्ली रैलीः-

सार्वजनिक एवं सरकारी क्षेत्र के सम्बन्ध में 17 नवम्बर 2022 को एक विशाल रैली दिल्ली में आयोजित की जायेगी ।

इस रैली से पूर्व सभी फैडरेशन्स उद्योगवार कार्यक्रम सम्पन्न कर संख्या इत्यादि के विषय में पूर्ण योजना बना लें । 

इस सम्बन्ध व्यापक प्रचार - प्रसार किया जाये, विस्तृत सम्पर्क कर  जागरुकता बढायी जाये एवं साहित्य वितरित किया जावे ।  

अभ्यास वर्ग:- दिनांक 02-03 अक्टूबर 2021 को राजसमन्द कार्य समिति बैठक में दिनांक 29,30 अप्रेल व 01 मई 2022 को जयपुर में युवा कार्यकर्ता ( 45 वर्ष आयु तक) सम्पन्न करवाने की योजना बनी थी । दिनांक 06 मई के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए यह अभ्यास वर्ग अभी स्थगित रहेगा एवं अभ्यास वर्ग की तिथियों से विचार- विमर्श कर अवगत करा दिया जावेगा । 

महिला अभ्यास वर्ग,महासंघों के अभ्यास वर्ग आयोजित किये जाने के सम्बन्ध में चर्चा हुई । महिला कार्य प्रमुख श्रीमती मनीषा मेघवाल एवं महासंघों के महामन्त्रियों एवं उद्योग प्रभारियों से आग्रह किया गया कि चर्चा कर अधिवेशन की पूर्ण योजना से प्रदेश भारतीय मजदूर संघ को शीघ्र अवगत करायें । 

अखिल भारतीय मजदूर संघ के पत्रांक ठडैध्।.40ध्39ध्2022 दिनांक 11.02.2022 ‘‘ श्रम संहिताओं की वापिसी के बजाय उनमें संशोधन ’’ विषयक जारी पत्र के सम्बन्ध में क्षेत्रीय संगठन मन्त्री श्री राजबिहारी शर्मा द्वारा पूर्ण प्रकाश डालते हुए बताया गया कि मजदूरी संहिता एवं सामाजिक सुरक्षा संहिता में श्रमिक हितों के सम्बन्ध में प्रावधान लिये गये हैं जिसके कारण भारतीय मजदूर संघ ने कुछ संशोधनों/ सुझावों के साथ इनका समर्थन किया है । औद्योगिक सम्बन्ध संहिता एवं व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संहिता के प्रावधान श्रमिक विरोधी होने के कारण भारतीय मजदूर संघ द्वारा इनका विरोध किया गया एवं इन संहिताओं के कई प्रावधानों पर आपत्तियांॅ व्यक्त करते हुए अपने सुझाव भी दिये गये हैं । 

अतः भारतीय मजदूर संघ ने इन्हें वापिस लिये जाने के स्थान पर इनमें संशोधन कर लागू किये जाने हेतु अपना अभिमत दिया है । 

प्रायः यह देखा गया है कि पदाधिकारी अपना नाम लैटर पैड पर अंकित करवा देते हैं । यह भारतीय मजदूर संघ की रीति- नीति के विपरीत है । स्पष्ट निर्देशित किया गया कि कोई भी पदाधिकारी भारतीय मजदूर जिला इकाई/यूनियन/महासंघ के लैट पैड पर नाम अंकित नहीं करवाये । 

प्रायः यह देखा गया है कि अधिवेशनों में प्रवासी पदाधिकारियों की संख्या अत्यधिक हो जाती है । इससे अनावश्यक आर्थिक भार भी बढता है एवं संगठन की गरिमा पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है । ऐसा करने से अन्य स्थानों पर भी प्रवास करने हेतु कार्यकर्ता उपलब्ध होंगे । सम्बन्धित महासंघों / संगठन के अपेक्षित कार्यकर्ता ही अधिवेशनों में   रहें । मंच पर अपेक्षित पदाधिकारी ही आसीन हों यह हम सभी का नैतिक दायित्व है । 

यूनियन/ यूनिट्स की बैठकों में प्रवासी पदाधिकारी के सम्बन्ध में सम्बन्धित महासंघ के अध्यक्ष/ महामन्त्री से चर्चा अवश्य की जावे । बैठक के विषय बिन्दओं के सम्बन्ध में भी अध्यक्ष/ महामन्त्री से चर्चा की जावे एवं जो पदाधिकारी बैठक लेने गये हैं वे बैठक से आने के पश्चात् सम्बन्धित महासंघ के अध्यक्ष/ महामन्त्री को पूर्ण तथ्यात्मक विवरण से अवगत करायेंगे एवं आगामी बैठकों में जाने वाले पदाधिकारी को पूर्व की बैठक में की गई चर्चा/ कार्य विवरण उपलब्ध करवाये जाने का दायित्व सम्बन्धित महासंघ के अध्यक्ष/ महामन्त्री का रहेगा । 

जिले की यूनियन/ यूनिट अपने अधिवेशनों के सम्बन्ध में भारतीय मजदूर संघ की जिले की इकाई से विचार- विमर्श कर योजना बनायेगी । 

अधिवेशनों/बैठकों में किसी भी पदाधिकारी/कार्यकर्ता को माल्यार्पण नहीं किया        जावे । 

अधिवेशनों का लेखा- जोखा 07 दिवस के अन्तर्गत अंकेक्षण करवाने के उपरान्त ही कार्यसमिति से  अनुमोदित करवाया जावे । यूनियन्स व महासंघों के सामान्य लेखा- जोखा  अंकेक्षण करवाकर  ही साधारण सभा /कार्यसमिति में अनुमोदित करवाये जायें । लेखा- जोखा की प्रति बैठक में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं को उपलब्ध करवाई जावे। तीन बार लिखे जाने के उपरान्त भी यदि अंकेक्षण नहीं कराया जाता है तो सम्बन्धित महासंघ/यूनियन के अध्यक्ष,महामन्त्री व कोषाध्यक्ष को कारण बतओं नोटिस जारी किया जावे एवं टेªड यूनियन एक्ट के अनुरुप कार्यवाही सुनिश्चित की जावेगी । 

जो कार्यकर्ता समय पर हिसाब नहीं देते हेैं उन्हें आगे के कार्यक्रमों में कूपन, रसीद बुक इत्यादि नहीं दिये जावें । उन्हें चिन्हित किया जावे एवं संगठन की किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी देने से पूर्व विचार- विमर्श किया जावे । 

24-25 फरवरी 2018 को जोधपुर में सम्पन्न भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अधिवेशन में असंगठित क्षेत्र में कार्य विस्तार एवं विस्तारक भेजने हेतु 58 कार्यकर्ताओं द्वारा प्रतिवर्ष राशि का समर्पण किये जाने हेतु घोषणा की गई थी । इनमें से 30 कार्यकर्ताओं द्वारा केवल एक बार ही समर्पण किया गया है । इस सम्बन्ध में विस्तृत विचार- विमर्श कर घोषणा के अनुरुप राशि का नियमित रुप से समर्पण किये जाने हेतु अनुरोध किया गया ।

कार्य विस्तार एवं कार्य के दृढीकरण हेतु न्यूनतम् 07 दिन के लिये विस्तार जाने हेतु चर्चा की गई । 16-22 जुलाई 2022 तक प्रदेश में विस्तारक जाने हेतु योजना बनी । कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा अधिक समय का समर्पण करने हेतु भी अपनी सहमति दी । विवरण निम्नानुसार है:-

1. श्री दीनानाथ रुंथला 10 दिन                         2. श्री अमरसिंह सांखला 10 दिन

3. श्री जुगलकिशोर जी बांसवाडा 10 दिन                 4. श्री भवानी सिंह शक्तावत उदयपुर

5. श्री सी.पी. शर्मा जी कोटा                                 6. श्री रमेश जी टांक प्रतापगढ

7 श्री रामगोपाल जी शर्मा 10 दिन                         8. श्री धर्मू जी पारवानी

9. श्री बृजमनोहर जी पीथानी                                 10. श्री हरिमोहन शर्मा 9 दिन

11. श्री गोपाल जी भारती                                         12. श्री अर्जुन सिंह जी बांसवाडा

13. श्री प्रमोद जी कुन्द्रा                                         14. श्री लखन सिंह जी गुर्जर

विस्तारक जाने हेतु और कार्यकर्ताओं से चर्चा किये जाने हेतु विचार- विमर्श किया गया । विस्तार जाने वाले कार्यकर्ताओं का एक दिन का प्रशिक्षण वर्ग भी रखा जावेगा । आने के बाद रिपोर्टिग भी किये जाने बाबत विचार - विमर्श हुआ। 

भारतीय मजदूर संघ के निर्धारित कार्यक्रम (25 मार्च सर्व पंथ समादर,23 जुलाई स्थापना दिवस,28 अगस्त पर्यावरण दिवस-जल संरक्षण के सम्बन्ध में समाज की जागरुकता बढे, पॉलीथिन विशेष रुप से एक ही बार काम में आने वाली प्लास्टिक वस्तुओं के विरुद्ध अभियान समजा में चले  इस सम्बन्ध में व्यापक चर्चा व प्रयत्न, 17 सितम्बर विश्वकर्मा जयन्ति,14 अक्टूबर समरसता दिवस,12 दिसम्बर स्वदेशी दिवस, 8 मार्च अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस, 21 जून अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस) समाजोन्मुखी हों इसे दृष्टिगत रखते हुए श्रद्धा के साथ सम्पन्न किये जाने के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा हुई । 

आंगनबाडी महासंघ के16-17 अप्रेल के अखिल भारतीय अधिवेशन के सम्बन्ध में प्रदेश आंगनबाडी महासंघ की महामन्त्री श्रीमती राधा शर्मा द्वारा पूर्ण जानकारी प्रदान करते हुए अपेक्षित कार्यकर्ताओं द्वारा अविलम्ब शुल्क जमा कराने का आव्हान किया गया । श्रीमती राधा शर्मा ने कहा कि आंगनबाडी की वर्तमान में जयपुर,भरतपुर,चुरु,झालावाड,जैसलमेर, झुन्झनूं,कोटा, करौली, पाली, नागौर, राजसमन्द,श्री गंगानगर, हनुमानगढ व जालौर इन 14 जिलों में आंगनबाडी की यूनियन नहीं है । वर्ष 2022 में  इन सभी जिलों में आंॅगनबाडी की यूनियन गठित कर दी जावेंगी । 

श्रद्धेय दत्तोपन्त ठेंगडी जन्म शताब्दी वर्ष में लिये गये संकल्प, दिनांक 02-03 अक्टूबर 2021 की राजसमन्द कार्य समिति एवं 01-02 जनवरी 2022 को आबूरोड में प्रदेश पदाधिकारी बैठक में नई यूनियन्स के गठन पर हुई चर्चा के अनुरुप सभी को आव्हान किया गया कि नयी यूनियन्स के गठन को पूर्ण प्राथमिकता व आग्रहपूर्वक लें । हमारी कथनी एवं करनी में अन्तर नहीं होना चाहिये अन्यथा भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं पर से विश्वास उठ जायेगा । 

श्री कुशलाराम जी प्रदेश मन्त्री ने अवगत कराया कि बाडमेर में हम्माल मजदूरों की एक अच्छी यूनियन बनाई गई है जिसके लिये लगभग ढाई माह तक उनसे सम्पर्क किया गया । ऐसे ही प्रयत्न हम सभी को करने होंगे ।   

श्री राधेश्याम वशिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष एवं श्री जितेन्द्र कुमार शर्मा प्रदेश मन्त्री भारतीय मजदूर संघ ने व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण त्यागपत्र प्रस्तुत किये गये जिन्हें चर्चा कर स्वीकार किया गया । 

श्री मक्खन लाल काण्डा प्रदेश वित्त सचिव को राजस्थान संयुक्त कर्मचारी परिवहन फैडरेशन का सहप्रभारी कार्य समिति में चर्चा कर मनोनीत किया गया । 

राजस्थान जनता जल योजना यूनियन के प्रदेश महामन्त्री श्री छोगाराम श्याम एवं राजस्थान सहकारी कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष श्री कुलदीप जंगम को पहली बार प्रदेश कार्यसमिति में आमंत्रित किया गया । इन्होंने अपने संगठन के सम्बन्ध में प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कार्यसमिति बैठक में आमंत्रित किये जाने पर कृतज्ञता ज्ञापित की । 

प्रदेश कार्यालय की व्यवस्था पर चर्चा:-

चर्चा में यह विषय निकलकर आया कि प्रदेश कार्यालय में कुछ अमर्यादित क्रियाकलाप जो कार्यालय की गरिमा व व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव डालते हैं उन्हें रोका जाये । 

जो कार्यकर्ता कार्यालय पर रात्रि विश्राम हेतु रुकते हैं वे अपने जिला मन्त्री/उद्योग के महामन्त्री से कार्यालय प्रमुख के साथ वार्ता करवायें तभी रुकने की अनुमति होगी 

कार्यालय की व्यवस्था संधारण हेतु नियत शुल्क रु0 20/- अनिवार्य रुप से कार्यालय में जमा करवाकर रसीद प्राप्त की जावे । 

स्वच्छता का अनिवार्य रुप से ध्यान रख जावे । जो सामान जिस स्थान से लिया है वापिस उसी स्थान पर व्यवस्थित रुप से रखा जावे । 

कार्यालय छोडने से पूर्व कार्यालय प्रमुख के ध्यान में लाया जावे।

रजिस्टर में आने व जाने की समय की प्रविष्टि अनिवार्य रुप से की जावे । समय का उल्लेख किया जावे । अपना पूरा पता मय मोबाल नं0 के उल्लेख किया जावे व हस्ताक्षर किये जावें । 


10. वर्ष 2022 की विशेष कार्य योजनाः-

श्री गुरु तेगबहादुर जी का 400 वां प्रकाश पर्व दिनांक 01 मई 2022

भगवान बिरसा मुण्डा जयन्ति ‘‘ जन जाति गौरव दिवस’’ 15 नवम्बर

आजादी का अमृत महोत्सव- 75 वें स्वतन्त्रता दिवस समारोह को भव्य रुप से मानाया जाये इस सम्बन्ध में निम्नांकित कार्यक्रम सम्पन्न किये जाने के सम्बन्ध में विचार- विमर्श कर निर्णय लिया गया:-

14 अगस्त रात्रि को मशाल जुलूस सभी जिला केन्द्रों पर निकाला जाये जिसमें सभी यूनियन्स की सहभागिता रहे एवं अच्छी संख्या हो । 

15 अगस्त स्वतन्त्रता दिवस- सभी यूनियन्स/यूनिट्स द्वारा  अपने कार्य स्थलों पर अनिवार्य रुप से ध्वजारोहण किया जाये । सभी सदस्य इसमें रहें एवं फोटोग्राफ्स सहित प्रदेश भारतीय मजदूर संघ को रिपोर्टिंग की जावे । 

8 अगस्त से 15 अगस्त तक सभी जिला केन्द्रों, सभी बडी यूनियन्स एवं फैडरेशन्स द्वारा योजना बनाकर कार्यक्रम सम्पन्न किये जायें । 

इस सम्बन्ध में सभी जिलों एवं महासंघ स्तर पर योजना बनाकर कार्यक्रम सम्पन्न किये जायें । 


11. व्यवस्था परिवर्तनः-

प्रदेश महामन्त्री ने व्यवस्था परिवर्तन के सम्बन्ध में श्रद्धेय दत्तोपन्त जी के कथन‘‘ शरीर में फोडे फुन्सी रक्त विकार के कारण होते हैं । अतः शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिये पहले रक्तशुद्धि आवश्यक है । समाज में व्यवस्था परिवर्तन का विषय भी रक्त शुद्धता की तरह ही करना होगा । वर्तमान में संघ विचार की समाज में स्वीकार्यता बढी है एवं समाज संघ से अपेक्षा भी करता       है । व्यवस्था परिवर्तन हेतु तीन बिन्दुओं पर सोचना पडेगाः-

1.प्रकृति की व्यवस्था:- प्रकृति की व्यवस्था से छेडछाड नहीं करना । प्रकृति से छेडछाड करने के दुष्परिणाम हमने कई बार भोगे हैं । अतः नैसर्गिक/ प्राकृतिक व्यवस्था को सम्मान देना ।

2.सामाजिक व्यवस्था-मूल चिन्तन/ दर्शन को नहीं छोडते हुए हमें सामाजिक व्यवस्थाओं में युगानुकूल परिवर्तन करना होगा जो कि कार्यकर्ताओं के माध्यम से होगा ।

3-शासन प्रणाली की व्यवस्था - शासन प्रणाली की व्यवस्था को सामाजिक व्यवस्था प्रभावित करती है । संवेैधानिक व्यवस्थायें मर्यादित हो, राष्ट्र और समाज को दृष्टिगत रखकर निर्णय करने वाली हों इसके लिये आवश्यक है सामाजिक व्यवस्था समाज एवं राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य को दृष्टिगत रखकर बनें ।

इन सभी व्यवस्थाओं को स्थापित करने के लिये कार्यकर्ता निर्माण पर हमें जोर देना     होगा । जिन महापुरुषों ने समाज में विशेष कार्य किये हैं उन्होंने सर्व प्रथम कार्यकर्ता निर्माण पर जोर दिया । वर्तमान में 59 वर्ष तक की आयु की जनसंख्या 110 करोड है इसलिये भारत विश्व में सबसे युवा राष्ट्र है । यह 110 करोड जनसंख्या हमारी कार्यशील जनसंख्या है जिसके माध्यम से हमें अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करनी है । भारतीय मजदूर संघ ने केवल श्रम जगत में ही नहीं अपितु समाज में भी अपनी विश्वसनीयता स्थापित की है । कामगारों के कितने प्रकार हो सकते हैं इसकी सूची हमें बनानी हैं । परिवर्तन क्यों? परिवर्तन कैसे? परिवर्तन क्या करना है? इन तीनों मन्त्रों पर हमें चिन्तन-मन्थन कर योजना बनानी होगी । इसके लिये रणनीतिक प्रयास, योग्य कार्यकर्ताओं का चयन,उनका प्रबोधन एवं साहित्य उपलब्ध करवाकर उनको प्रशिक्षण देने की योजना हमें बनानी ही होगी । 

12. स्वावलम्बी भारत अभियानः- श्री जयन्त द्विवेदी द्वारा स्वावलम्बी भारत अभियान के सम्बन्ध में निम्नानुसार प्रबोधन किया गया:-

आर्थिक समूह की बैठक में रोजगार की समस्या के सम्बन्ध में विचार - विमर्श हुआ । वर्तमान में रोजगार की अत्यधिक समस्या है किन्तु केवल सरकारी नौकरी को ही रोजगार मानना सबसे बडा संकट उत्पन्न हो गया । इससे युवकों की मानसिकता विकृत हो  गई । रोजगार को वास्तविक रुप में परिभाषित करने की आवश्यकता है । आत्मनिर्भर भारत की तर्ज पर स्वावलम्बी भारत अभियान के अन्तर्गत आज 3.50 करोड युवा अध्ययन कर रहे हैं । हमें हमारे पारम्परिक रोजगार के बारे में समाज को फिर से जागृत करना है युवा वर्ग की मानसिकता पारम्परिक रोजगारों के बारे में बनानी है । 

इस हेतु निम्न काम करने होंगे 1. योग्य कार्यकर्ताओं का चयन 2.रुचि के अनुसार कार्य का चयन । 3.सरकारी योजनाओं का अध्ययन करना एवं इनमें से रोजगार चयन     करना । 4. सभी के मध्य समन्वय स्थापित करना । 4. जिन पारम्परिक रोजगारों में सफलता अर्जित की गई है उनके सम्बन्ध  में बताना एवं युवाओं को प्रोत्साहित        करना ।


13. आगामी बैठकेंः- प्रदेश पदाधिकारी बैठक दिनांक 04-05 जून 2022 को बाडमेर में आयोजित की जावेगी । प्रदेश कार्य समिति की बैठक माह 03-04 सितम्बर 2022 पाली जिले  में आयोजित की जावेगी स्थान के बारे में विचार - विमर्श के अनुरुप अवगत करवा दिया जावेगा । 


14. ई- श्रम पोर्टल:-   

150 वीं केन्द्रीय कार्य समिति की बैठक में ई- श्रम पोर्टल पोर्टल प्रारम्भ करने के लिये केन्द्र सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया गया । अब तक लगभग 25 करोड श्रमिकों का पंजीकरण ई-श्रम पोर्टल क्षरा किया गया है एवं वे सभी प्रधानमन्त्री बीमा सुरक्षा के पात्र हो गये हैं । इस सम्बन्ध में केन्द्रीय कार्यसमिति में प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें केन्द्र सरकार द्वारा संचालित असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की कल्याण योजनायें राज्य सरकार के माध्यम के बजाय सीधे ई- श्रम पोर्टल के माध्यम से केन्द्र सरकार द्वारा क्रियान्वित किये जाने एवं इसी प्रकार प्रदेश की सरकारें भी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण की विभिन्न योजनाओं को ई्र- श्रम पोर्टल के माध्यम से क्रियान्वित किये जाने का उल्लेख किया गया । 

राजस्थान में ई- श्रम पोर्टल पर अब तक किये गये पंजीयन का विवरण निम्नानुसार हैः-¬ 

जिले का नाम ई श्रम पोर्टल पंजीयन संख्या जिले का नाम ई श्रम पोर्टल पंजीयन संख्या

            भीलवाडा 3800                 सिरोही 1252 (18 गांवों में)

            राजसमन्द 2000                 बीकानेर 500

             अजमेर 4500

सिरोही जिले में ई- श्रम पंजीयन के अनुभव कथन श्री रेवाशंकर प्रदेश कार्य समिति द्वारा बताते हुए कहा गया कि सभी पंजीयन भारतीय मजदूर संघ के बैनर के माध्यम से ही किये गये हैं । अन्य जिले भी ई- श्रम पंजीयन की गति बढायें एवं भारतीय मजदूर संघ के बैनर के माध्यम से हो इस सम्बन्ध में क्षेत्री संगठन मन्त्री श्री राजबिहारी शर्मा द्वारा आव्हान किया गया । 

15 क्षेत्रीय संगठन मन्त्री श्री राजबिहारी शर्मा द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया कि:-

कार्यकर्ताओं की समस्याओं के समाधान के सम्बन्ध में उचित स्तर पर चर्चा का कार्यवाही किया जाना आवश्यक है । 

पेड मैम्बरशिप सभी यूनियन्स में आवश्यक हो । यह वर्ष सदस्यता आधारित सम्बद्धता शुल्क के रुप में जाना जायेगा । 

यूनियन स्तर पर तीन रजिस्टर संधारित करना अत्यावश्यक है:-

1. सदस्यता रजिस्टर 2. कार्यवाही रजिस्टर  3. कैशबुक

हमें यूनियन गठन के लिये नये- नये क्षेत्रों में जाना होगा । 

भारतीय मजदूर संघ एक वैचारिक अधिष्ठान पर कार्य करने वाला मजदूर जगत का संगठन है । इसी आधार पर भारतीय मजदूर संघ प्रथम क्रमांक का संगठन बना है ।  जो दायित्व संगठन द्वारा हमें दिये जाये उसी के अनुरुप हमें अपने- आपको ढालना है । 

पदलिप्सा की भावना कार्यकर्ता में अहंकार का भाव जागृत करती है एवं कार्यकर्ता की संगठन निष्ठा को भी कमजोर करती है । अतः सभी कार्यकर्ताओं को पदलिप्सा से दूर रहना है ।


6 मई 2022 का शक्ति प्रदर्शन राजस्थान में भारतीय मजदूर संघ को स्थापित करने में मील का पत्थ्र साबित होगा, इसे दृष्टिगत रखते हुए हम सभी को प्रयत्न- परिश्रम की पराकाष्ठा करनी है एवं अब तक की ऐतिहासिक कार्यक्रम हम सबको मिलकर बनाना है । 

4 श्रम संहिता

कम्यूनिस्ट यूनियनें चारों श्रम संहितओं को वापिस लेने की मांग कर रही हैं जबकि भारतीय मजदूर संघ कुछ संशोधनों के साथ इन्हें लागू करने का पक्षधर है एवं अपना अभिमत दिया है ।

वेतन संहिता में पहली बार 56 करोड मजदूरों को न्यूनतम् वेतन की गारंटी दी गई है ।न्यूनतम् मजदूरी नहीं मिलने पर न्यायालय में जाने का प्रावधान है । 

सामाजिक सुरक्षा संहिता में पहली बार ‘‘ सभी के लिये सामाजिक सुरक्षा ’’का प्रावधान लिया गया है जो ऐतिहासिक है । 

ई- श्रम पोर्टल पर पंजीयन बढने ही चाहिये । जिस जिले में पंजीयन नहीं होंगे वे अक्षम श्रेणी में माने जावेंगे । 

‘‘मैं भारतीय मजदूर संघ का कार्यकर्ता पहले हूं, किसी यूनियन,उद्योग  का कार्यकर्ता बाद में’’ ऐसी श्रद्धा एवं सोच हमें रखनी होगी तभी जिस लक्ष्य को लेकर भारतीय मजदूर संघ काम  करता है उस लक्ष्य को प्राप्त करने में हम सफल होंगे । 

16    अध्यक्षीय उद्बोधन:-  प्रदेशाध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह डाबी द्वारा अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा बिैठक में जो विचार-विमर्श किया गया है उसको अमल में लाने के लिये हम सभी को मिलकर प्रयत्न करना होगा तभी इसकी सार्थकता है । सभी को धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक की समाप्ति की घोषणा की।

                                                      

Friday, 24 July 2020

भारतीय मजदूर संघ जिला जयपुर द्वारा स्थापना दिवस का उत्सव प्रदेश कार्यालय जयपुर में मनाया गया

भारतीय मजदूर संघ जयपुर जिला  के द्वारा  भारतीय मजदूर संघ का 66 वां स्थापना दिवस  को धूमधाम से सरकार द्वारा जारी *कोविड़19 की गाइड लाइंस का पालन* करते हुए मनाया गया। भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश कार्यालय को इस अवसर पर सजाया गया तथा भगवान विश्वकर्मा, भारत माता एवं श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी के चित्र के समक्ष *राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक माननीय निंबाराम जी* द्वारा  दीप प्रज्वलन  किया गया। जयपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री राम चरण बौहरा, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक श्री सतीश पूनिया  तथा भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री अरुण चतुर्वेदी  द्वारा भारतीय मजदूर संघ कार्यालय आकर पुष्पार्चन कर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया गया। इस अवसर पर भारतीय मजदूर संघ के *प्रदेशाध्यक्ष श्री विशन सिंह तवर,प्रदेश महामंत्री श्री दीनानाथ रूंथला, प्रदेश संगठन मंत्री श्री हरी मोहन शर्मा* आदि पदाधिकारियों सहित बीएमएस की जिला कार्यसमिति व सभी यूनियनों के पदाधिकारी उपस्थित थे। भारतीय मजदूर संघ द्वारा आए हुए अतिथियों का प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन *जिला मंत्री श्री प्रमोद चौधरी द्वारा किया गया एवं जिला अध्यक्ष सुश्री मंजू दवे* द्वारा सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।  





Thursday, 12 March 2020

श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी जन्म शताब्दी समारोह समिति जयपुर द्वारा पाथेय भवन जयपुर में


श्रद्धेय दत्तोपंत ठेंगड़ी जन्म शताब्दी समारोह समिति जयपुर द्वारा दिनांक 8 मार्च 2020 को श्रद्धेय श्री दत्तोपंत जी ठेंगडी जन्म शताब्दी वर्ष उदघाटन समारोह पाथेय भवन मालवीय नगर जयपुर मे आयोजित किया गया । 
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री गुरु चरण सिंह गिल पूर्व अतिरिक्त महाधिवक्ता, राजस्थान सरकार एवं अध्यक्ष राष्ट्रीय सिख संगत द्वारा की की गई । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री के एस आहलूवालिया,सेवा निवृत्त न्यायाधिपति,राजस्थान उच्च न्यायालय एवं पीठासीन अधिकारी,रेल्वे दुर्घटना दावा प्राधिकरण नई दिल्ली थे। उन्होंने दतोपंत जी को याद करते हुए कहा कि वे दूरदृष्टा थे। 1989 में नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक सम्मेलन में उन्होंने घोषणा की थी कि साम्यवाद बीसवीं सदी के अंत तक दोस्त हो जाएगा तथा अमेरिका प्रायोजित पूंजीवाद 21वीं सदी के प्रारंभ में ध्वस्त होने ही वाला है जो आगे चलकर सत्य सिद्ध हुआ। उन्होंने भौतिकवाद के स्थान पर धर्म आधारित काम की अवधारणा पर जोर दिया। विद्यार्थी परिषद की स्थापना के साथ नया नारा दिया, ज्ञानशील एकता विद्यार्थी परिषद की विशेषता। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता  के रूप मे स्वदेशीे जागरण मंच के अखिल भारतीय विचार विभाग प्रमुख एवं आर्थिक चिंतक एवं उत्तर क्षेत्र संगठक   माननीय श्री सतीश कुमार जी ने संबोधित करते हुए कहा कि विश्व में प्रथम विश्व युद्ध के बाद रुसी समाजवाद का विकास मॉडल आया, दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिकी पूंजीवाद का मॉडल आया इन दोनों विचार को नकारते हुए दंतोपन्त जी ने थर्ड वे नामक पुस्तक से समग्र विकास का नया आर्थिक चिंतन दिया। सतीश जी ने बताया कि पश्चिमी मॉडलों ने विश्व को असमानता बेरोजगारी, पर्यावरण विनाश, शारीरिक व मानसिक व्याधियां  व सामाजिक विद्वेष दिया जबकि हिन्दू अर्थ चिंतन ने सबका हित चिंतन करते हुए समग्र विकास का मॉडल दिया जिसमें जिव मात्र की चिंता ही नही पर्यावरण संतुलन पर भी जोर दिया गया। प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध उपभोग के स्थान पर सम्यक दोहन के उपयोग पर जोर दिया। विशिष्ट वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक  के अखिल भारतीय बौद्धिक शिक्षण प्रमुख श्री स्वांत रंजन जी ने दंतोपन्त जी के  जन्म से प्रचारक बनने व मजदूर क्षेत्र में राष्ट्रवादी विचारधारा का नया काम खड़ा करने पर प्रकाश डाला।  आपने बताया कि ठेंगड़ी जी, परम पूजनीय डॉ साहब व गुरूजी  के गुणों को आत्मसात करने वाले जीवंत वाहक थे। ठेंगड़ी जी विचारक, दार्शनिक, नेतृत्व के गुणों से परिपूर्ण अनुपम व्यक्तित्व थे। दंतोपन्त जी ने अपने जीवन काल में अनेक पुस्तके लिखी जो आज भी प्रेरक व कालजयी हैं। 
अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री गुरु चरण सिंह गिल ने कहा की श्री ठेंगड़ी जी महान व्यक्तित्व के धनी होते हुए भी कार्यकर्ताओं के साथ व्यवहार रूप में अति सरल थे। उनका यही गुण कार्यकर्ता को संगठन के कार्य की ओर आकर्षित करता था। एक बार जिसके कंधे पर उन्होंने हाथ रख दिया हमेशा के लिए वह संगठन का हो जाता था।
कार्यक्रम मे भारतीय मजदूर संघ के अलावा स्वदेशी जागरण मंच,भारतीय किसान संघ, सहकार भारती , लघु उद्योग भारती ,अधिवक्ता परिषद, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, संस्कार भारती , विद्या भारती सहित संगठनों के कार्यकर्ताओं सहित लगभग 300 नागरिकों की उपस्थिति रही