दिनांक 05-06 मार्च 2022 को भारतीय मजदूर संघ राजस्थान प्रदेश की कार्यसमिति बैठक मां त्रिपुरा सुन्दरी मन्दिर परिसर में श्री राजेन्द्र सिंह डाबी, प्रदेशाध्यक्ष की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में श्री राज बिहारी शर्मक्षेत्रीय संगठन मंत्री (राजस्थान व गुजरात) का सानिध्य प्राप्त हुआ ।
1 बैठक का बिन्दुवार विवरण निम्नलिखित है:-
उपस्थिति:- बैठक में अपेक्षित व उपस्थित संख्या निम्नानुसार रही:-
प्रदेश कार्यसमिति महासंघ जिला मंत्री कुल
52/34 20/8 33/16 102/58
2. उद्घाटन सम्बोधन:-बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश अध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह डाबी ने अपने उद्बोधन में कहा कि ‘‘ कार्यकर्ताओं की इस टोली में दो दिन तक किये जाने वाले विचार- विमर्श रुपी चिन्तन-मन्थन में से निकलने वाले अमृत का पान हम कार्यकर्ताओं को करना है जिससे संगठन का विस्तार एवं दृढीकरण हो और जो योजना बने उसका क्रियान्वयन संगठन की संगठित शक्ति से होने में भारतीय मजदूर संघ सफल हो।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बांसवाडा विभाग के विभाग प्रचारक श्री विशाल जी का प्रबोधन भी उद्घाटन सत्र में प्राप्त हुआ। श्री विशाल जी ने कहा कि:-
ऽ समाज में कीमत एवं मूल्य दो शब्द प्रयोग होते हैं । व्यक्ति / कार्यकर्ता अपने जीवन की कीमत चुकाकर जीवन मूल्य स्थापित करते हैं जो समाज के लिये कुछ मानदण्ड स्थापित करते हैं एवं समाज जीवन में अनुकरणीय बनते हैं। यथा- श्री राम,श्री कृष्ण,हरिश्चन्द्र,शिवाजी,महाराणा प्रताप इत्यादि।
ऽ भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं ने अपने जीवन की कीमत पर श्रम जगत में मूल्य स्थापित किये हैं जिनमें श्रद्धेय ठेंगडी जी हम सभी के आदर्श एवं प्रेरणास्त्रोत हैं ।
ऽ जहां अपेक्षित- वहां उपस्थित । यदि उपस्थित नहीं हैं तो उचित स्तर पर सूचित करें कि किस कारण उपस्थित नहीं हो पायेंगे । इस विचार से संगठन में नये कार्यकर्ताओं को भी प्रेरणा मिलेगी एवं अच्छी व्यवस्था स्थापित होगी ।
ऽ संगठन में प्रेरणा व श्रेष्ठ व्यवस्था स्थापित करने हेतु चार मन्त्रों की साधना करनी होगी:-
1. सुमन्त्रिते(सामूहिक निर्णय) 2.सुविक्रान्ते (बिना दबाव के पारिवारिक भाव से) 3.सुकृते (अच्छे उद्देश्य के लिये) 4. सुविचारते (सम्पूर्ण विचार- चिन्तन)
3 पिछली कार्यसमिति बैठक का कार्य विवरण:- प्रदेश मंत्री श्री लखनसिंह गुर्जर द्वारा दिनांक 02-03 अक्टूबर को राजसमन्द में आयोजित कार्यसमिति का कार्य विवरण बैठक में प्रस्तुत किया, जिसका सर्व सम्मति से अनुमोदन किया गया।
4 आय-व्यय का अनुमोदन: श्री मक्खनलाल काण्डा प्रदेश वित्त सचिव द्वारा 01 अक्टूबर 2021 से 28 फरवरी 2022 तक का आय व्यय का लेखा प्रस्तुत किया गया जिसका सर्व सम्मति से अनुमोदन किया गया।
5 प्रदेश महामंत्री वृत:- महामंत्री ने अपने वृत में 03 अक्टूबर 2021 से 28 फरवरी 2022 तक की अवधि के दौरान प्रदेश की गतिविधियांे, कार्यक्रम, आंदोलन, अधिवेशन आदि का संक्षिप्त विवरण पढ़़कर सुनाया।
6. श्रद्धा़ंजलि कार्यक्रमः- 03 अक्टूबर 2021 से 28 फरवरी 2022 तक की अवधि में समाज जीवन में विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व करने एवं जिन कार्यकर्ताओं की मृत्यु हुई उनके प्रति शोक संवेदना प्रकट कर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई ।
7. पदाधिकारी कार्य प्रतिवेदनः-
जिला मंत्री प्रतिवेदन हेतु प्रपत्र बैठक की सूचना के साथ सभी जिला मन्त्रियों को भिजवाया गया था।(,झुन्झनूंॅ,धौलपुर,अजमेर,भीलवाडा,उदयपुर,डूंॅगरपुर,प्रतापगढ, चित्तौडगढ,बांॅसवाडा,राजसमन्द,बाडमेर,पाली,जालौर,कोटा,बून्दी,चुरु) से प्राप्त हुआ । बैठक में उपस्थित जिला मंत्रियों द्वारा प्रतिवेदन का वाचन किया गया । सम्भाग प्रभारियों व सम्भाग संगठन मन्त्रियों से प्रदेश कार्यसमिति की बैठकों में जिला मन्त्रियों की शत- प्रतिशत उपस्थित हेतु आग्रह किया गया व वांछित सूचना प्रस्तुत किये जाने हेतु भी आग्रह किया गया ।
सम्भाग संगठन मन्त्रियों / सम्भाग प्रभारियों /महासंघों के महामन्त्रियों द्वारा अपने कार्य का प्रतिवेदन जिसमें प्रवास, कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय, जिलों, यूनीयन्स/ यूनिट्स की बैठकें, महासंघों की बैठकें, जिला भारतीय मजदूर संघ के साथ यूनियन/यूनिट्स के साथ समन्वय के सम्बन्ध में भी बताया गया ।
पदाधिकारी कार्य प्रतिवेदन सभी बैठकों में हो व जिला मन्त्रियों को जो प्रपत्र इस बैठक की सूचना के साथ भेजे गये थे , इसी प्रकार के बिन्दु सम्भाग संगठन मन्त्रियों,सम्भाग प्रभारियों,महासंघों के महान्त्रियों को भी भिजवायें ताकि बिन्दु केन्द्रित विषय पर ही चर्चा हो इस सम्बन्ध में सभी कार्यकर्ताओं ने अपने सुझाव दिये ।
माह अक्टूबर 2021 से फरवरी 2022 तक 8 जिलों में जिला सम्मेलन सम्पन्न किये गये । सभी जिलों में पदाधिकारी केन्द्र द्वारा निर्धारित आयु सीमा 45 वर्ष से कम आयु के हों इस निर्णय की कठोरतापूर्वक पालना की गई ।
जिलों के जिला अधिवेशन:- जिन जिलों के जिला अधिवेशन सम्पन्न नहीं हुए हैं उनके अधिवेशन माह मार्च 2022 में सम्पन्न करवाने के सम्बन्ध में सम्भाग संगठन मन्त्रियों व जिला मन्त्रियों से आग्रह किया गया ।
सम्भाग प्रभारियों व महासंघों के महामन्त्रियों से आग्रह किया गया कि जिलों की पंजीकृत यूनियन्स के अधिवेशन सम्पन्न करवाये जाने के सम्बन्ध में योजना बनाकर/ चर्चा कर 15 दिवस में प्रदेश को अवगत करायें ।
महासंघों के अधिवेशन:- जयपुर विद्युत वितरण श्रमिक संघ का अधिवेशन दिनांक 17 अक्टूबर 2021 को जयपुर में, राजस्थान परिवहन कर्मचारी फैडरेशन का प्रदेश अधिवेशन दिनांक 19 अक्टूबर 2021 को जयपुर में एवं आंॅगनबाडी कर्मचारी महासंघ का प्रदेश अधिवेशन दिनांक 25 दिसम्बर 2021 को अजमेर में एवं राजस्थान सीमेन्ट मजदूर महासंघ का 25 दिसम्बर 2021 आहूत किये किये गये में अवगत कराया गया ।
उद्योग प्रभारियों एवं महासंघों के महान्त्रियों से आग्रह किया गया कि जिन महासंघों के अधिवेशन होने शेष हैं उनके अधिवेशन के सम्बन्ध में चर्चा कर 15 दिवस के अन्तर्गत प्रदेश को अवगत करायें ।
भारतीय मजदूर संघ के मुखपत्र विष्वकर्मा संकेत की सदस्यता के सम्बन्ध में श्री दीनानाथ रुंॅथला जो विष्वकर्मा संकेत का कार्य देख रहे हैं ने बताया कि प्रदेष में अभी मात्र 533 सदस्य ही हैं । जिला,यूनियन/यूनिट्स,प्रदेष एवम् महासंघों की कार्य समिति के प्रत्येक सदस्य को विष्वकर्मा संकेत का सदस्य बनना ही चाहिये ।
8. धन संग्रह
जन्म शताब्दी वर्ष में धन संग्रह हेतु भेजे गये कूपन व रसीद बुक अभी भी गई जिलों से प्राप्त नहीं हुई है । प्रदेश से सम्बन्धित जिलों को सूची भेजकर धनसंग्रह का हिसाब, कूपन्स व रसीद बुक प्रदेश कार्यालय को प्रस्तुत किये जाने हेतु कई बार लिखित में एवं मौखिक रुप से अनुरोध किये जाने के उपरान्त भी उदासीनता पर चिन्ता व्यक्त की गई एवं 31 मार्च 2022 तक हिसाब व कूपन्स प्रदेश कार्यालय में प्रस्तुत किये जाने हेतु सम्भाग संगठन मन्त्रियों,सम्भाग प्रभारियों द्वारा आश्वस्त किया गया ।
श्रद्धेय दत्तोपन्त ठेंगडी की छोटी जीवनी जिसका मूल्य 20/- रुपये निर्धारित किया गया था, की राशि भी कई जिलों से प्राप्त नहीं हुई । यह राशि भी 31 मार्च 2022 तक प्रदेश कार्यालय में प्रस्तुत किये जाने हेतु सम्भाग संगठन मन्त्रियों,सम्भाग प्रभारियों द्वारा आश्वस्त किया गया ।
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर निर्णय लिया गया कि जिन कार्यकर्ताओं को धन संग्रह के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी दी जाती है एवं उनके द्वारा निर्धारित समयावधि मंे हिसाब प्रस्तुत नहीं किया जाता है । बार- बार स्मरण कराने के उपरान्त भी उदासीनता बरती जाती है उन्हें भविष्य में किसी भी प्रकार का दायित्व देने से पूर्व विचार किया जाये ।
9 संगठनात्मक चर्चा:-
आन्दोलन:-राज्य सरकार द्वारा मजदूर क्षेत्र की उपेक्षा, निजीकरण, मजदूरों का शोषण इत्यादि पर पूर्ण प्रकाश डालते हुए राज्य सरकार के विरुद्ध जयपुर में दिनांक 25 फरवरी 2022 को भारतीय मजदूर संघ का एक विशाल शक्ति प्रदर्शन किये जाने की योजना दिनांक 02-03 अक्टूबर 2021 को राजसमन्द कार्य समिति बैठक बनी थी किन्तु कोरोना महामारी तीसरी लहर के प्रकोप के कारण इसको स्थगित कर दिया गया । यह शक्ति प्रदर्शन/रैली दिनांक 6 मई 2022 को किये जाने के सम्बन्ध में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया । श्री राजबिहारी जी शर्मा क्षेत्रीय संगठन मन्त्री द्वारा सभी कार्यकर्ताओं को इस कार्यक्रम में अपनी सम्पूर्ण शक्ति लगाकर अभी से जुटने का आव्हान किया गया ।
दिल्ली रैलीः-
ऽ सार्वजनिक एवं सरकारी क्षेत्र के सम्बन्ध में 17 नवम्बर 2022 को एक विशाल रैली दिल्ली में आयोजित की जायेगी ।
ऽ इस रैली से पूर्व सभी फैडरेशन्स उद्योगवार कार्यक्रम सम्पन्न कर संख्या इत्यादि के विषय में पूर्ण योजना बना लें ।
ऽ इस सम्बन्ध व्यापक प्रचार - प्रसार किया जाये, विस्तृत सम्पर्क कर जागरुकता बढायी जाये एवं साहित्य वितरित किया जावे ।
अभ्यास वर्ग:- दिनांक 02-03 अक्टूबर 2021 को राजसमन्द कार्य समिति बैठक में दिनांक 29,30 अप्रेल व 01 मई 2022 को जयपुर में युवा कार्यकर्ता ( 45 वर्ष आयु तक) सम्पन्न करवाने की योजना बनी थी । दिनांक 06 मई के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए यह अभ्यास वर्ग अभी स्थगित रहेगा एवं अभ्यास वर्ग की तिथियों से विचार- विमर्श कर अवगत करा दिया जावेगा ।
महिला अभ्यास वर्ग,महासंघों के अभ्यास वर्ग आयोजित किये जाने के सम्बन्ध में चर्चा हुई । महिला कार्य प्रमुख श्रीमती मनीषा मेघवाल एवं महासंघों के महामन्त्रियों एवं उद्योग प्रभारियों से आग्रह किया गया कि चर्चा कर अधिवेशन की पूर्ण योजना से प्रदेश भारतीय मजदूर संघ को शीघ्र अवगत करायें ।
अखिल भारतीय मजदूर संघ के पत्रांक ठडैध्।.40ध्39ध्2022 दिनांक 11.02.2022 ‘‘ श्रम संहिताओं की वापिसी के बजाय उनमें संशोधन ’’ विषयक जारी पत्र के सम्बन्ध में क्षेत्रीय संगठन मन्त्री श्री राजबिहारी शर्मा द्वारा पूर्ण प्रकाश डालते हुए बताया गया कि मजदूरी संहिता एवं सामाजिक सुरक्षा संहिता में श्रमिक हितों के सम्बन्ध में प्रावधान लिये गये हैं जिसके कारण भारतीय मजदूर संघ ने कुछ संशोधनों/ सुझावों के साथ इनका समर्थन किया है । औद्योगिक सम्बन्ध संहिता एवं व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संहिता के प्रावधान श्रमिक विरोधी होने के कारण भारतीय मजदूर संघ द्वारा इनका विरोध किया गया एवं इन संहिताओं के कई प्रावधानों पर आपत्तियांॅ व्यक्त करते हुए अपने सुझाव भी दिये गये हैं ।
अतः भारतीय मजदूर संघ ने इन्हें वापिस लिये जाने के स्थान पर इनमें संशोधन कर लागू किये जाने हेतु अपना अभिमत दिया है ।
प्रायः यह देखा गया है कि पदाधिकारी अपना नाम लैटर पैड पर अंकित करवा देते हैं । यह भारतीय मजदूर संघ की रीति- नीति के विपरीत है । स्पष्ट निर्देशित किया गया कि कोई भी पदाधिकारी भारतीय मजदूर जिला इकाई/यूनियन/महासंघ के लैट पैड पर नाम अंकित नहीं करवाये ।
प्रायः यह देखा गया है कि अधिवेशनों में प्रवासी पदाधिकारियों की संख्या अत्यधिक हो जाती है । इससे अनावश्यक आर्थिक भार भी बढता है एवं संगठन की गरिमा पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है । ऐसा करने से अन्य स्थानों पर भी प्रवास करने हेतु कार्यकर्ता उपलब्ध होंगे । सम्बन्धित महासंघों / संगठन के अपेक्षित कार्यकर्ता ही अधिवेशनों में रहें । मंच पर अपेक्षित पदाधिकारी ही आसीन हों यह हम सभी का नैतिक दायित्व है ।
यूनियन/ यूनिट्स की बैठकों में प्रवासी पदाधिकारी के सम्बन्ध में सम्बन्धित महासंघ के अध्यक्ष/ महामन्त्री से चर्चा अवश्य की जावे । बैठक के विषय बिन्दओं के सम्बन्ध में भी अध्यक्ष/ महामन्त्री से चर्चा की जावे एवं जो पदाधिकारी बैठक लेने गये हैं वे बैठक से आने के पश्चात् सम्बन्धित महासंघ के अध्यक्ष/ महामन्त्री को पूर्ण तथ्यात्मक विवरण से अवगत करायेंगे एवं आगामी बैठकों में जाने वाले पदाधिकारी को पूर्व की बैठक में की गई चर्चा/ कार्य विवरण उपलब्ध करवाये जाने का दायित्व सम्बन्धित महासंघ के अध्यक्ष/ महामन्त्री का रहेगा ।
जिले की यूनियन/ यूनिट अपने अधिवेशनों के सम्बन्ध में भारतीय मजदूर संघ की जिले की इकाई से विचार- विमर्श कर योजना बनायेगी ।
अधिवेशनों/बैठकों में किसी भी पदाधिकारी/कार्यकर्ता को माल्यार्पण नहीं किया जावे ।
अधिवेशनों का लेखा- जोखा 07 दिवस के अन्तर्गत अंकेक्षण करवाने के उपरान्त ही कार्यसमिति से अनुमोदित करवाया जावे । यूनियन्स व महासंघों के सामान्य लेखा- जोखा अंकेक्षण करवाकर ही साधारण सभा /कार्यसमिति में अनुमोदित करवाये जायें । लेखा- जोखा की प्रति बैठक में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं को उपलब्ध करवाई जावे। तीन बार लिखे जाने के उपरान्त भी यदि अंकेक्षण नहीं कराया जाता है तो सम्बन्धित महासंघ/यूनियन के अध्यक्ष,महामन्त्री व कोषाध्यक्ष को कारण बतओं नोटिस जारी किया जावे एवं टेªड यूनियन एक्ट के अनुरुप कार्यवाही सुनिश्चित की जावेगी ।
जो कार्यकर्ता समय पर हिसाब नहीं देते हेैं उन्हें आगे के कार्यक्रमों में कूपन, रसीद बुक इत्यादि नहीं दिये जावें । उन्हें चिन्हित किया जावे एवं संगठन की किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी देने से पूर्व विचार- विमर्श किया जावे ।
24-25 फरवरी 2018 को जोधपुर में सम्पन्न भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश अधिवेशन में असंगठित क्षेत्र में कार्य विस्तार एवं विस्तारक भेजने हेतु 58 कार्यकर्ताओं द्वारा प्रतिवर्ष राशि का समर्पण किये जाने हेतु घोषणा की गई थी । इनमें से 30 कार्यकर्ताओं द्वारा केवल एक बार ही समर्पण किया गया है । इस सम्बन्ध में विस्तृत विचार- विमर्श कर घोषणा के अनुरुप राशि का नियमित रुप से समर्पण किये जाने हेतु अनुरोध किया गया ।
कार्य विस्तार एवं कार्य के दृढीकरण हेतु न्यूनतम् 07 दिन के लिये विस्तार जाने हेतु चर्चा की गई । 16-22 जुलाई 2022 तक प्रदेश में विस्तारक जाने हेतु योजना बनी । कुछ कार्यकर्ताओं द्वारा अधिक समय का समर्पण करने हेतु भी अपनी सहमति दी । विवरण निम्नानुसार है:-
1. श्री दीनानाथ रुंथला 10 दिन 2. श्री अमरसिंह सांखला 10 दिन
3. श्री जुगलकिशोर जी बांसवाडा 10 दिन 4. श्री भवानी सिंह शक्तावत उदयपुर
5. श्री सी.पी. शर्मा जी कोटा 6. श्री रमेश जी टांक प्रतापगढ
7 श्री रामगोपाल जी शर्मा 10 दिन 8. श्री धर्मू जी पारवानी
9. श्री बृजमनोहर जी पीथानी 10. श्री हरिमोहन शर्मा 9 दिन
11. श्री गोपाल जी भारती 12. श्री अर्जुन सिंह जी बांसवाडा
13. श्री प्रमोद जी कुन्द्रा 14. श्री लखन सिंह जी गुर्जर
विस्तारक जाने हेतु और कार्यकर्ताओं से चर्चा किये जाने हेतु विचार- विमर्श किया गया । विस्तार जाने वाले कार्यकर्ताओं का एक दिन का प्रशिक्षण वर्ग भी रखा जावेगा । आने के बाद रिपोर्टिग भी किये जाने बाबत विचार - विमर्श हुआ।
भारतीय मजदूर संघ के निर्धारित कार्यक्रम (25 मार्च सर्व पंथ समादर,23 जुलाई स्थापना दिवस,28 अगस्त पर्यावरण दिवस-जल संरक्षण के सम्बन्ध में समाज की जागरुकता बढे, पॉलीथिन विशेष रुप से एक ही बार काम में आने वाली प्लास्टिक वस्तुओं के विरुद्ध अभियान समजा में चले इस सम्बन्ध में व्यापक चर्चा व प्रयत्न, 17 सितम्बर विश्वकर्मा जयन्ति,14 अक्टूबर समरसता दिवस,12 दिसम्बर स्वदेशी दिवस, 8 मार्च अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस, 21 जून अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस) समाजोन्मुखी हों इसे दृष्टिगत रखते हुए श्रद्धा के साथ सम्पन्न किये जाने के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा हुई ।
आंगनबाडी महासंघ के16-17 अप्रेल के अखिल भारतीय अधिवेशन के सम्बन्ध में प्रदेश आंगनबाडी महासंघ की महामन्त्री श्रीमती राधा शर्मा द्वारा पूर्ण जानकारी प्रदान करते हुए अपेक्षित कार्यकर्ताओं द्वारा अविलम्ब शुल्क जमा कराने का आव्हान किया गया । श्रीमती राधा शर्मा ने कहा कि आंगनबाडी की वर्तमान में जयपुर,भरतपुर,चुरु,झालावाड,जैसलमेर, झुन्झनूं,कोटा, करौली, पाली, नागौर, राजसमन्द,श्री गंगानगर, हनुमानगढ व जालौर इन 14 जिलों में आंगनबाडी की यूनियन नहीं है । वर्ष 2022 में इन सभी जिलों में आंॅगनबाडी की यूनियन गठित कर दी जावेंगी ।
श्रद्धेय दत्तोपन्त ठेंगडी जन्म शताब्दी वर्ष में लिये गये संकल्प, दिनांक 02-03 अक्टूबर 2021 की राजसमन्द कार्य समिति एवं 01-02 जनवरी 2022 को आबूरोड में प्रदेश पदाधिकारी बैठक में नई यूनियन्स के गठन पर हुई चर्चा के अनुरुप सभी को आव्हान किया गया कि नयी यूनियन्स के गठन को पूर्ण प्राथमिकता व आग्रहपूर्वक लें । हमारी कथनी एवं करनी में अन्तर नहीं होना चाहिये अन्यथा भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं पर से विश्वास उठ जायेगा ।
श्री कुशलाराम जी प्रदेश मन्त्री ने अवगत कराया कि बाडमेर में हम्माल मजदूरों की एक अच्छी यूनियन बनाई गई है जिसके लिये लगभग ढाई माह तक उनसे सम्पर्क किया गया । ऐसे ही प्रयत्न हम सभी को करने होंगे ।
श्री राधेश्याम वशिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष एवं श्री जितेन्द्र कुमार शर्मा प्रदेश मन्त्री भारतीय मजदूर संघ ने व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण त्यागपत्र प्रस्तुत किये गये जिन्हें चर्चा कर स्वीकार किया गया ।
श्री मक्खन लाल काण्डा प्रदेश वित्त सचिव को राजस्थान संयुक्त कर्मचारी परिवहन फैडरेशन का सहप्रभारी कार्य समिति में चर्चा कर मनोनीत किया गया ।
राजस्थान जनता जल योजना यूनियन के प्रदेश महामन्त्री श्री छोगाराम श्याम एवं राजस्थान सहकारी कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष श्री कुलदीप जंगम को पहली बार प्रदेश कार्यसमिति में आमंत्रित किया गया । इन्होंने अपने संगठन के सम्बन्ध में प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कार्यसमिति बैठक में आमंत्रित किये जाने पर कृतज्ञता ज्ञापित की ।
प्रदेश कार्यालय की व्यवस्था पर चर्चा:-
ऽ चर्चा में यह विषय निकलकर आया कि प्रदेश कार्यालय में कुछ अमर्यादित क्रियाकलाप जो कार्यालय की गरिमा व व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव डालते हैं उन्हें रोका जाये ।
ऽ जो कार्यकर्ता कार्यालय पर रात्रि विश्राम हेतु रुकते हैं वे अपने जिला मन्त्री/उद्योग के महामन्त्री से कार्यालय प्रमुख के साथ वार्ता करवायें तभी रुकने की अनुमति होगी
ऽ कार्यालय की व्यवस्था संधारण हेतु नियत शुल्क रु0 20/- अनिवार्य रुप से कार्यालय में जमा करवाकर रसीद प्राप्त की जावे ।
ऽ स्वच्छता का अनिवार्य रुप से ध्यान रख जावे । जो सामान जिस स्थान से लिया है वापिस उसी स्थान पर व्यवस्थित रुप से रखा जावे ।
ऽ कार्यालय छोडने से पूर्व कार्यालय प्रमुख के ध्यान में लाया जावे।
ऽ रजिस्टर में आने व जाने की समय की प्रविष्टि अनिवार्य रुप से की जावे । समय का उल्लेख किया जावे । अपना पूरा पता मय मोबाल नं0 के उल्लेख किया जावे व हस्ताक्षर किये जावें ।
10. वर्ष 2022 की विशेष कार्य योजनाः-
श्री गुरु तेगबहादुर जी का 400 वां प्रकाश पर्व दिनांक 01 मई 2022
भगवान बिरसा मुण्डा जयन्ति ‘‘ जन जाति गौरव दिवस’’ 15 नवम्बर
आजादी का अमृत महोत्सव- 75 वें स्वतन्त्रता दिवस समारोह को भव्य रुप से मानाया जाये इस सम्बन्ध में निम्नांकित कार्यक्रम सम्पन्न किये जाने के सम्बन्ध में विचार- विमर्श कर निर्णय लिया गया:-
ऽ 14 अगस्त रात्रि को मशाल जुलूस सभी जिला केन्द्रों पर निकाला जाये जिसमें सभी यूनियन्स की सहभागिता रहे एवं अच्छी संख्या हो ।
ऽ 15 अगस्त स्वतन्त्रता दिवस- सभी यूनियन्स/यूनिट्स द्वारा अपने कार्य स्थलों पर अनिवार्य रुप से ध्वजारोहण किया जाये । सभी सदस्य इसमें रहें एवं फोटोग्राफ्स सहित प्रदेश भारतीय मजदूर संघ को रिपोर्टिंग की जावे ।
ऽ 8 अगस्त से 15 अगस्त तक सभी जिला केन्द्रों, सभी बडी यूनियन्स एवं फैडरेशन्स द्वारा योजना बनाकर कार्यक्रम सम्पन्न किये जायें ।
ऽ इस सम्बन्ध में सभी जिलों एवं महासंघ स्तर पर योजना बनाकर कार्यक्रम सम्पन्न किये जायें ।
11. व्यवस्था परिवर्तनः-
प्रदेश महामन्त्री ने व्यवस्था परिवर्तन के सम्बन्ध में श्रद्धेय दत्तोपन्त जी के कथन‘‘ शरीर में फोडे फुन्सी रक्त विकार के कारण होते हैं । अतः शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिये पहले रक्तशुद्धि आवश्यक है । समाज में व्यवस्था परिवर्तन का विषय भी रक्त शुद्धता की तरह ही करना होगा । वर्तमान में संघ विचार की समाज में स्वीकार्यता बढी है एवं समाज संघ से अपेक्षा भी करता है । व्यवस्था परिवर्तन हेतु तीन बिन्दुओं पर सोचना पडेगाः-
ऽ 1.प्रकृति की व्यवस्था:- प्रकृति की व्यवस्था से छेडछाड नहीं करना । प्रकृति से छेडछाड करने के दुष्परिणाम हमने कई बार भोगे हैं । अतः नैसर्गिक/ प्राकृतिक व्यवस्था को सम्मान देना ।
ऽ 2.सामाजिक व्यवस्था-मूल चिन्तन/ दर्शन को नहीं छोडते हुए हमें सामाजिक व्यवस्थाओं में युगानुकूल परिवर्तन करना होगा जो कि कार्यकर्ताओं के माध्यम से होगा ।
ऽ 3-शासन प्रणाली की व्यवस्था - शासन प्रणाली की व्यवस्था को सामाजिक व्यवस्था प्रभावित करती है । संवेैधानिक व्यवस्थायें मर्यादित हो, राष्ट्र और समाज को दृष्टिगत रखकर निर्णय करने वाली हों इसके लिये आवश्यक है सामाजिक व्यवस्था समाज एवं राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य को दृष्टिगत रखकर बनें ।
ऽ इन सभी व्यवस्थाओं को स्थापित करने के लिये कार्यकर्ता निर्माण पर हमें जोर देना होगा । जिन महापुरुषों ने समाज में विशेष कार्य किये हैं उन्होंने सर्व प्रथम कार्यकर्ता निर्माण पर जोर दिया । वर्तमान में 59 वर्ष तक की आयु की जनसंख्या 110 करोड है इसलिये भारत विश्व में सबसे युवा राष्ट्र है । यह 110 करोड जनसंख्या हमारी कार्यशील जनसंख्या है जिसके माध्यम से हमें अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करनी है । भारतीय मजदूर संघ ने केवल श्रम जगत में ही नहीं अपितु समाज में भी अपनी विश्वसनीयता स्थापित की है । कामगारों के कितने प्रकार हो सकते हैं इसकी सूची हमें बनानी हैं । परिवर्तन क्यों? परिवर्तन कैसे? परिवर्तन क्या करना है? इन तीनों मन्त्रों पर हमें चिन्तन-मन्थन कर योजना बनानी होगी । इसके लिये रणनीतिक प्रयास, योग्य कार्यकर्ताओं का चयन,उनका प्रबोधन एवं साहित्य उपलब्ध करवाकर उनको प्रशिक्षण देने की योजना हमें बनानी ही होगी ।
12. स्वावलम्बी भारत अभियानः- श्री जयन्त द्विवेदी द्वारा स्वावलम्बी भारत अभियान के सम्बन्ध में निम्नानुसार प्रबोधन किया गया:-
आर्थिक समूह की बैठक में रोजगार की समस्या के सम्बन्ध में विचार - विमर्श हुआ । वर्तमान में रोजगार की अत्यधिक समस्या है किन्तु केवल सरकारी नौकरी को ही रोजगार मानना सबसे बडा संकट उत्पन्न हो गया । इससे युवकों की मानसिकता विकृत हो गई । रोजगार को वास्तविक रुप में परिभाषित करने की आवश्यकता है । आत्मनिर्भर भारत की तर्ज पर स्वावलम्बी भारत अभियान के अन्तर्गत आज 3.50 करोड युवा अध्ययन कर रहे हैं । हमें हमारे पारम्परिक रोजगार के बारे में समाज को फिर से जागृत करना है युवा वर्ग की मानसिकता पारम्परिक रोजगारों के बारे में बनानी है ।
इस हेतु निम्न काम करने होंगे 1. योग्य कार्यकर्ताओं का चयन 2.रुचि के अनुसार कार्य का चयन । 3.सरकारी योजनाओं का अध्ययन करना एवं इनमें से रोजगार चयन करना । 4. सभी के मध्य समन्वय स्थापित करना । 4. जिन पारम्परिक रोजगारों में सफलता अर्जित की गई है उनके सम्बन्ध में बताना एवं युवाओं को प्रोत्साहित करना ।
13. आगामी बैठकेंः- प्रदेश पदाधिकारी बैठक दिनांक 04-05 जून 2022 को बाडमेर में आयोजित की जावेगी । प्रदेश कार्य समिति की बैठक माह 03-04 सितम्बर 2022 पाली जिले में आयोजित की जावेगी स्थान के बारे में विचार - विमर्श के अनुरुप अवगत करवा दिया जावेगा ।
14. ई- श्रम पोर्टल:-
150 वीं केन्द्रीय कार्य समिति की बैठक में ई- श्रम पोर्टल पोर्टल प्रारम्भ करने के लिये केन्द्र सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया गया । अब तक लगभग 25 करोड श्रमिकों का पंजीकरण ई-श्रम पोर्टल क्षरा किया गया है एवं वे सभी प्रधानमन्त्री बीमा सुरक्षा के पात्र हो गये हैं । इस सम्बन्ध में केन्द्रीय कार्यसमिति में प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें केन्द्र सरकार द्वारा संचालित असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की कल्याण योजनायें राज्य सरकार के माध्यम के बजाय सीधे ई- श्रम पोर्टल के माध्यम से केन्द्र सरकार द्वारा क्रियान्वित किये जाने एवं इसी प्रकार प्रदेश की सरकारें भी असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण की विभिन्न योजनाओं को ई्र- श्रम पोर्टल के माध्यम से क्रियान्वित किये जाने का उल्लेख किया गया ।
राजस्थान में ई- श्रम पोर्टल पर अब तक किये गये पंजीयन का विवरण निम्नानुसार हैः-¬
जिले का नाम ई श्रम पोर्टल पंजीयन संख्या जिले का नाम ई श्रम पोर्टल पंजीयन संख्या
भीलवाडा 3800 सिरोही 1252 (18 गांवों में)
राजसमन्द 2000 बीकानेर 500
अजमेर 4500
सिरोही जिले में ई- श्रम पंजीयन के अनुभव कथन श्री रेवाशंकर प्रदेश कार्य समिति द्वारा बताते हुए कहा गया कि सभी पंजीयन भारतीय मजदूर संघ के बैनर के माध्यम से ही किये गये हैं । अन्य जिले भी ई- श्रम पंजीयन की गति बढायें एवं भारतीय मजदूर संघ के बैनर के माध्यम से हो इस सम्बन्ध में क्षेत्री संगठन मन्त्री श्री राजबिहारी शर्मा द्वारा आव्हान किया गया ।
15 क्षेत्रीय संगठन मन्त्री श्री राजबिहारी शर्मा द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया कि:-
कार्यकर्ताओं की समस्याओं के समाधान के सम्बन्ध में उचित स्तर पर चर्चा का कार्यवाही किया जाना आवश्यक है ।
पेड मैम्बरशिप सभी यूनियन्स में आवश्यक हो । यह वर्ष सदस्यता आधारित सम्बद्धता शुल्क के रुप में जाना जायेगा ।
यूनियन स्तर पर तीन रजिस्टर संधारित करना अत्यावश्यक है:-
1. सदस्यता रजिस्टर 2. कार्यवाही रजिस्टर 3. कैशबुक
हमें यूनियन गठन के लिये नये- नये क्षेत्रों में जाना होगा ।
भारतीय मजदूर संघ एक वैचारिक अधिष्ठान पर कार्य करने वाला मजदूर जगत का संगठन है । इसी आधार पर भारतीय मजदूर संघ प्रथम क्रमांक का संगठन बना है । जो दायित्व संगठन द्वारा हमें दिये जाये उसी के अनुरुप हमें अपने- आपको ढालना है ।
पदलिप्सा की भावना कार्यकर्ता में अहंकार का भाव जागृत करती है एवं कार्यकर्ता की संगठन निष्ठा को भी कमजोर करती है । अतः सभी कार्यकर्ताओं को पदलिप्सा से दूर रहना है ।
6 मई 2022 का शक्ति प्रदर्शन राजस्थान में भारतीय मजदूर संघ को स्थापित करने में मील का पत्थ्र साबित होगा, इसे दृष्टिगत रखते हुए हम सभी को प्रयत्न- परिश्रम की पराकाष्ठा करनी है एवं अब तक की ऐतिहासिक कार्यक्रम हम सबको मिलकर बनाना है ।
4 श्रम संहिता
ऽ कम्यूनिस्ट यूनियनें चारों श्रम संहितओं को वापिस लेने की मांग कर रही हैं जबकि भारतीय मजदूर संघ कुछ संशोधनों के साथ इन्हें लागू करने का पक्षधर है एवं अपना अभिमत दिया है ।
ऽ वेतन संहिता में पहली बार 56 करोड मजदूरों को न्यूनतम् वेतन की गारंटी दी गई है ।न्यूनतम् मजदूरी नहीं मिलने पर न्यायालय में जाने का प्रावधान है ।
ऽ सामाजिक सुरक्षा संहिता में पहली बार ‘‘ सभी के लिये सामाजिक सुरक्षा ’’का प्रावधान लिया गया है जो ऐतिहासिक है ।
ई- श्रम पोर्टल पर पंजीयन बढने ही चाहिये । जिस जिले में पंजीयन नहीं होंगे वे अक्षम श्रेणी में माने जावेंगे ।
‘‘मैं भारतीय मजदूर संघ का कार्यकर्ता पहले हूं, किसी यूनियन,उद्योग का कार्यकर्ता बाद में’’ ऐसी श्रद्धा एवं सोच हमें रखनी होगी तभी जिस लक्ष्य को लेकर भारतीय मजदूर संघ काम करता है उस लक्ष्य को प्राप्त करने में हम सफल होंगे ।
16 अध्यक्षीय उद्बोधन:- प्रदेशाध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंह डाबी द्वारा अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा बिैठक में जो विचार-विमर्श किया गया है उसको अमल में लाने के लिये हम सभी को मिलकर प्रयत्न करना होगा तभी इसकी सार्थकता है । सभी को धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक की समाप्ति की घोषणा की।